गुर्जर साम्राट चन्देला

गुर्जर साम्राट
साम्राज्य काल‌
Nannuka
founder
Rahilya
Harsa‌
(900-925)
Yasovarman or Lakshavarman
925-950
Dhanga
950-1008
Ganda
1002-1017
Vidyadhara
1017-1029
Vijayapala
1035-1045
Devavarman
Kirttivarman
Sallaksanavarman
Jayavarman
Prthvivarman
Madanavarman
1129-1162
Yasovarman
Paramardi
Trailokyavarman
Viravarman
Bhojavarman
Hammiravarman
 
 

गुर्जर साम्राट Chapotkat

गुर्जर साम्राट
साम्राज्य काल‌
Dadda I
550
JaiBatt I
Dadda II‌
JaiBatt II
Dadda III
JaiBatt III
Dadda IV
गुर्जरॊ का इतिहास      

गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 23 मई 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 24 मई 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 25 मई 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 26 मई 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 27 मई 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 28 मई 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 29 मई 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 30 मई 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 31 मई 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 1 जून 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 2 जून 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 3 जून 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 4 जून 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 5 जून 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 6 जून 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 7 जून 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 8 जून 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 9 जून 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 10 जून 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 11जून 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 12 जून 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 13 जून 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 14 जून 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 15 जून 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 16 जून 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 17 जून 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 18 जून 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 19 जून 2008
गुर्जर‌ आरक्षण वीर      शहीद मई 2008
गुर्जर‌ आरक्षण वीर      शहीद 2007

गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 29 मई 2008


गुर्जर नेताओं की अहम बैठक शुक्रवार को जयपुर में:
गुर्जर समाज को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की मांग को लेकर राजस्थान में सात दिन से जारी आन्दोलन के समाधान के निकट पहुंचने के संकेत मिले हैं। गुर्जर समाज का राष्ट्रीय संगठन राष्ट्रीय गुर्जर संघर्ष समिति के पदाधिकारियों और इससे सम्बद्ध संगठनों के पदाधिकारियों की बैठक कल शुक्रवार को जयपुर में होगी। राजस्थान गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के प्रवक्ता डॉ रूप सिंह ने बताया कि आपातकालीन बैठक में आन्दोलन की समीक्षा कर राजस्थान सरकार से वार्ता के दौरान रखे जाने वाले मुददो पर विचार विमर्श किया जायेगा। बैठक के बाद पदाधिकारी राजस्थान संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल किरोडी सिंह बैंसला से पीलूपुरा में मुलाकात कर निर्णय की जानकारी देंगे। कर्नल बैंसला की सहमति से राजस्थान सरकार से बातचीत करने के लिए गुर्जर संगठनों के प्रतिनिधियों के नाम तय किये जायेंगे। डॉ सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय गुर्जर संघर्ष समिति की दिल्ली में बृहस्पतिवार को हुई बैठक में यह निर्णय किया गया। उन्होंने कहा कि जयपुर बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखवीर सिंह जौनपुरिया, वरिष्ठ पदाधिकारी रामवीर सिंह विधूडी समेत राष्ट्रीय पदाधिकारी व जिला अध्यक्ष भाग लेंगे। दिल्ली में हुई बैठक में राज्य सरकार की ओर से भी बातचीत करने के प्रस्ताव को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि बैठक के उपरान्त राष्ट्रीय पदाधिकारी पीलूपुरा में हजारों आन्दोलनकारियों के साथ धरने पर बैठे कर्नल किरोडी सिंह बैंसला से मुलाकात कर निर्णय की जानकारी से अवगत कराएंगे।

गुर्जर आंदोलन : पानीपत में तीन की मौत :
राजस्थान में गुर्जर आंदोलन के समाधान की तेज हुई कोशिशों के बीच बृहस्पतिवार को समुदाय के एनसीआर रोको के दौरान हरियाणा में पुलिस की गोलीबारी से मची भगदड़ में तीन की मौत हो गई और 20 अन्य घायल हो गया। आंदोलन के बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पैर पसारने के दौरान पथराव कर रहे गुर्जर प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसूगैस के गोले दागे। प्रदर्शनों से सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या एक पर घंटो वाहनों का आवागमन बाधित रहा क्योंकि बड़ी संख्या में गुर्जर राजस्थान के गुर्जरों की मांग के समर्थन में सड़कों पर निकले। गुर्जरों ने राजस्थान के करवाडी और बयाना क्षेत्र में मारे गये लोगों की याद में शहीद दिवर्सं आयोजित किया जबकि भारतीय वायुसेना के हेलीकाप्टरों ने पर्चे गिराये जिसमें उनसे हिंसा से बचने और अनुसूचित जनजाति की अपनी मांग केंद्र सरकार के समक्ष उठाने की अपील की गई। इस बीच गुर्जर आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने अपने रूख में नरमी का संकेत देते हुए कहा है कि वह समुचित प्रस्ताव मिलने पर राजस्थान सरकार से इस मुद्दे पर बातचीत करने को तैयार हैं। हरियाणा में पानीपत जिले के समलाखा में प्रदर्शन कर रहे गुर्जरों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने गोली चलाई। इससे भगदड़ मच गई और इसमें तीन लोगों की मौत हो गई और 20 अन्य घायल हो गाए।

समय बिता रहे केंद्र और राज्य : बैंसला

गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला ने केंद्र तथा राजस्थान सरकार पर समय बिताने की तरकीब अपनाने का आरोप लगाया है। भरतपुर के कारवाड़ी गांव में डेरा डाल कर बैठे बैंसला ने कहा प्रधानमंत्री कार्यालय ने यह मुद्दा विधि मंत्रालय के पास भेज दिया है। यह केंद्र और राजस्थान सरकारों की समय बिताने की तरकीब है। बैंसला से राजे का वह पत्र प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा विधि मंत्रालय को भेजे जाने के बारे में प्रतिक्रिया मांगी गई थी जिसमें राजे ने गुर्जरों के लिए अलग कोटे की मांग की थी। बैंसला ने कहा आंदोलन तब ही खत्म होगा जब गुर्जरों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दे दिया जाएगा। बैंसला ने राजस्थान सरकार से समुदाय की मांग के बारे में केंद्र सरकार को स्पष्ट एवं तथ्यपरक रिपोर्ट भेजने के लिए कहा। इस मुद्दे पर मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल की अध्यक्षता में एक बैठक हुई जिसमें आंतरिक सुरक्षा मामलों के विशेष सचिव एमएल कुमावत तथा दिल्ली पुलिस प्रमुख वाइ एस डडवाल ने भी भाग लिया। समझा जाता है कि पाटिल ने प्रधानमंत्री को स्थिति से अवगत कराया है।

गुर्जर बंद का असर, कमजोर रहा कारोबार :
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में गुर्जर नेताओं के चक्का जाम की धमकी से बृहस्पतिवार को चालानी व्यापारी कम आए। इससे स्थानीय मंडियों में कारोबार कमजोर रहा। जबकि आवागमन पर विशेष प्रभाव नहीं पड़ा। मांग के अभाव में गेहूं 5/6 रुपये, तुअर-मूंग, मोटी मसूर 50 रुपये, उडद 20/25 रुपये, सरसों व इसका तेल 25/50 रुपये प्रति क्विंटल एवं कालीमिर्च दो रुपये किलो टूट गए। वहीं छोटी मसूर उत्पादक मंडियों में पडते से 75/80 रुपये ऊंची होने से यहां 50 रुपये तेज हो गई। अनाज-दाल, किराना-मेवे एवं तेल बाजार के अलावा अलौह धातुओं में मंदे का रुख देखा गया। यूपी के मेरठ में स्टॉक सीमा एवं चंदौसी मंडी टैक्स के विरोध में आज भी बंद रहीं। अनाज-दाल लारैंस रोड, नजफगढ, नरेला, समयपुर-बादली सहित लोकल मंडियों में गेहूं की किसानी आवक घटकर चार-पांच हजार बोरी रह गई क्योंकि गुर्जर आंदोलन के चलते किसान भी ट्रालियों से माल बहुत कम लाए थे। वहीं चालानी एवं लोकल में गेहूं उत्पादों का लदान भी नहीं के बराबर होने से रोलर फ्लोर मिलों ने गेहूं की खरीद काफी कम की, जिससे 5/6 रुपये घटकर इसके भाव 1070/1074 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। दलहनों में तुअर विगत तीन-चार दिनों की तेजी के बाद ग्राहकी कमजोर होने से 50 रुपये घटकर महाराष्ट्र की 2750/2775 रुपये एवं नई लेमन 2625 रुपये रह गई। मूंग भी मांग के अभाव में 50 रुपये और टूट गई। मोटी मसूर बिल्टी में बीनागंज लाइन में 100 रुपये गिरकर 3250 रुपये रह जाने से यहां भी 3350 रुपये पर 100 रुपये नीचे आ गई। वहीं छोटी मसूर सीकरी लाइन में लूज में 3450 रुपये बिक जाने से यहां 50 रुपये बढकर 3600 रुपये पर पहुंच गई। दाल एवं मलका हल्की क्वालिटी में 100 रुपये का मंदा आ गया। उडद भी 15/20 रुपये मुलायम रहा।

अब मीणाओं ने भी मांगा आरक्षण :
राजस्थान के गुर्जर आरक्षण आंदोलन की लपटें मध्यप्रदेश में फैलने के बाद अब प्रदेश का मीणा समुदाय अनुसूचित जनजाति (एसटी) के दर्जे की मांग की साथ लामबंद होता दिख रहा है। समुदाय के एक संगठन ने प्रदेश में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी को दो टूक चेतावनी भी दी है कि मांग पूरी न होने पर अगले विधानसभा चुनावों में उससे कन्नी काट ली जाएगी। आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष भरत मीणा ने बृहस्पतिवार को इंदौर में संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि मध्यप्रदेश में समुदाय के चालीस लाख से ज्यादा लोग बसते हैं, लेकिन इनमें से ज्यादातर बेरोजगारी और गरीबी के बोझ तले दबे हैं। उन्होंने कहा कि समुदाय की हालत सुधारने के लिए दूसरे राज्यों की तर्ज पर इसे एसटी का दर्जा दिया जाना बेहद जरूरी है। फिलहाल मीणा समुदाय प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के दायरे में आता है। मीणा के मुताबिक विदिशा जिले की सिरोंज और लहेरी तहसील में समुदाय को एसटी का दर्जा प्राप्त है। उनका संगठन चाहता है कि समूचे प्रदेश में यही व्यवस्था लागू हो। उन्होंने कहा कि हम लंबे वक्त से समुदाय को एसटी का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक इसे तवज्जो नहीं मिली। मौजूदा भाजपा सरकार ने अगर इस सिलसिले में फौरन ठोस कदम नहीं उठाए तो हम आने वाले विधानसभा चुनावों में पार्टी बहिष्कार कर देंगे।

गुर्जर आंदोलन से पर्यटन उद्योग संकट में:
राजस्थान में जारी गुर्जर आंदोलन के कारण विश्व प्रसिद्ध ताजनगरी में ऐतिहासिक इमारतों का दीदार करने वाले सैलानियों की संख्या में प्रतिदिन भारी कमी आ रही है। सूत्रों ने बताया कि फतेहपुर सीकरी का पूरा पर्यटन उद्योग आगरा-जयपुर मार्ग पर जाने वाले पर्यटकों पर निर्भर करता है, जहां एक सप्ताह पहले विदेशी सैलानियों की संख्या 300 तक थी अब यह घटकर 20 तक जा पहुंची है। सिकंदरा और विश्व प्रसिद्ध ताजमहल में जयपुर-आगरा मार्ग बंद होने से पर्यटको की संख्या में 60 प्रतिशत की कमी आई है। आंदोलन की वजह से होटल तथा रेस्तरां सूने पड़े हैं। सैलानियों के कार्यक्रम निरस्त होने से पिछले तीन दिनों से अनेक खानसामाओं की भट्टी नहीं जल सकी है। आगरा-जयपुर मार्ग पर रोडवेज की बसें नहीं चलने से यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी है। आंदोलन का रेलवे पर भी व्यापक प्रभाव पड़ा है। आगरा मंडल से गुजरने वाली ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित कर दिया गया है। रेलवे ने आगरा फोर्ट, बांदीकुई, बयाना, मथुरा तथा अलवर मार्ग को बंद कर दिया है। इस मार्ग से गुजरने वाली सभी गाड़ियों को निरस्त कर दिया गया है। रेलवे के एक प्रवक्ता ने बताया कि रेलवे ने अभी तक यात्रियों को 87 लाख रुपये से अधिक रुपयों की वापसी की है।आंदोलनकारियों ने भी कई स्थानों पर रेल पटरियों को क्षतिग्रस्त किया। इरकन भरतपुर रेलवे मार्ग पर उपद्रवी तत्वों ने जमकर हंगामा किया। रेलवे क्रासिंग गेट न0 36 की पटरियों को उखाड़कर लोग ले गए लगभग छह फीट रेल पटरियां गायब पाई गईं। बाद में उसे दुरस्त किया गया।

गुर्जर आंदोलन : सरकार पर बेरुखी का आरोप :
अनुसूचित जनजाति में आरक्षण की मांग को लेकर गुर्जर आन्दोलन आठवें दिन में प्रवेश कर गया। इस दौरान राजस्थान सरकार द्वारा आंदोलन समाप्ति की दिशा में कोई ठोस प्रयास नहीं किए जाने के कारण आंदोलन की आग राज्य के अन्य हिस्सों में भी फैलती जा रही है। राजस्थान गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के प्रवक्ता डॉ रूप सिंह ने राजस्थान सरकार पर बेरुखी बरतने और आन्दोलन के समाधान में रुचि नहीं दिखाने का आरोप लगाया। गुर्जर आन्दोलनकारियों से बातचीत शुरू करने तथा पुलिस फायरिंग में मारे गए लोगों के पोस्टमार्टम को लेकर भी असमंजस बना हुआ है। अनुसूचित जनजाति में आरक्षण की सिफारिश की चिट्ठी केन्द्र सरकार को भेजे जाने की मांग को लेकर राज्य के दस शहर बंद हैं। बंद के दौरान सवाई माधोपुर के कुशालीपुरा दर्रा से निकल रहे अंतरराज्यीय सड़कमार्ग पर जाम के दौरान पुलिस और आंदोलनकारियों में हुई झड़प में दो पुलिसकर्मियों सहित पांच लोगों के घायल होने की सूचना है।