गुर्जर‌ आरक्षण वीर शहीद मई 2008

No.नाम‌पिता का नाम‌आयुगांव
जिला दोसा सिकन्दरा
1राजेशजगदीश दुब्बी
2रुपसिन्ह‌रामकिशोर‌ दुब्बी
3.हरिरामरामरतन‌  दुब्बी
4.बलवीरप्रभुदयाल‌ गिरधरपुरा
5.कानजी‌कन्चन शेखपुरा
6.जयनारायण‌रामनिवास रानी का बास‌
7.बत्तुराम‌बिरधीचन्द टोयडा
8.बनेसिन्ह‌गोवर्धन‌भगलाई
9.हनुमान‌रामकिशन‌मरियाडा
10नाथु‌रामदेवसाहूपाडा‌
11नाथुआन्नदीलाल‌समेल खुर्द‌‌
12धर्मसिन्ह‌उमराव‌बुर्जा
13सुरेश‌रामेश्वर‌खूटला
14सुरेशराधाकिशन‌टोयडा
15गोकूल‌नान‌ग‌राम‌ सिक‌न्द‌रा ब‌न्ध‌
16सुमेर‌‌ग‌गास‌हाय‌‌बीन्द‌र‌वाडा
17राम‌सिन्ह‌‌कान्हाराम‌‌बुड‌ली
18राजाराम‌‌ह‌र‌स‌हाय‌‌सिक‌न्द‌रा
19राम‌क‌र‌ण‌ गुर्जर्हीरालाल‌ जीज‌ण‌‌
20ह‌रिमोह‌न‌‌बाल‌च‌न्द‌‌ सोडाला‌
जिला सवाई माधोपुर‌‌‌(कुशालीपुरा)
21कन्हेया‌छाण‌
22राधेश्याम‌‌दुमोदा‌
जिला (बयाना)भरतपुर‌‌
23राधेलाल‌पावटा(दोसा)
24भीक‌म‌मूडिया(क‌रोली)‌
25गगास‌हाय‌देवलेन‌(क‌रोली)
26प्यारेलाल‌‌पेन्चला(क‌रोली)
27ज‌ग‌न‌सिंह  स‌मोग‌र‌,भरतपुर
28सोम‌सिंह‌  28नगला चोगरिया भरतपुर
29फत्तेसिंह‌  वशिया का नगला
30विश्राम‌‌  सूपा
31हीरासिंह‌ 50पावटा(दोसा)
32बलवीर‌सिंह‌  25चीखरु
33मान‌सिंह‌  भोपर‌(दोसा)
34विक्रम सिंह  17सूपा
35डूगर‌सिंह‌  कनावर
36बाबु सिंह‌  सलेपुरा
37वचन‌ सिंह‌  तिघरिया
38भरत‌सिंह‌  रेन्डायल गुर्जर‌(सवाई माधोपुर)

गुर्जर आरक्षण वीर शहीद 2007

No.नाम‌पिता का नाम‌आयुगांव
जिला दोसा
1रामवीर सिन्ह  पीपल खेडा
2रामनिवास‌  पीपल खेडा
3केलाश‌ सिन्ह  पीपल खेडा
4.सुमेर‌ सिन्ह  पीपल खेडा
5.जूथाराम‌  पीपल खेडा
6.हरिकेश‌  Sitod Ki Jhopadi
7.समय सिन्ह‌  मोरका
8.घासीलाल‌बिहारीलाल‌35Talwasia
जिला बुण्दी
9.बलराम‌बाबुलाल‌16फुलेरा
10महादेव‌कल्याण सिन्ह‌40अमरपुर‌
11सीताराम‌घासीलाल‌30अमरपुर‌
12रामदेव‌नन्दाराम‌30 Senija (Hindoli)
13बाबुलाल‌नारायण‌50फुलेरा
14हरिॐजग्गनाथ‌22 Senija
15गोकूल‌नारायण  Senija
लालसोट‌
16रामचरन‌नाथुलाल‌25आन्धी
17हरफुल‌नानकराम‌45टोयडा
18रामस्वरुप‌रामलाल‌37बीलका
19दयाराम‌ गुर्जर्  बीलका
जिला अल‌वर‌ (कोटपूतली)
20नन्दराम‌हर्दराम‌ लाखा का नागल‌
जिला सवाई माधोपुर‌
21दयाराम‌गोपी25खासा‌
22मोजीराम‌भवरलाल‌32खासा‌
23पुखराज‌बंशीलाल‌30राथुडा
24मुरारीलाल‌राजाराम‌35जटवाडि
25दामोदर‌  दरवायन
26ल‌क्श्मन‌भगवान‌ गगनपाङा
27रामकिशन‌  बाणे का खेरा
गुर्जरॊ का इतिहास      

गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 23 मई 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 24 मई 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 25 मई 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 26 मई 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 27 मई 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 28 मई 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 29 मई 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 30 मई 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 31 मई 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 1 जून 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 2 जून 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 3 जून 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 4 जून 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 5 जून 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 6 जून 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 7 जून 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 8 जून 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 9 जून 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 10 जून 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 11जून 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 12 जून 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 13 जून 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 14 जून 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 15 जून 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 16 जून 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 17 जून 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 18 जून 2008
गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 19 जून 2008
गुर्जर‌ आरक्षण वीर      शहीद मई 2008
गुर्जर‌ आरक्षण वीर      शहीद 2007

गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन 18 जून 2008 - 27वा दिन


गुर्जरो को 5 प्रतिशत अगड़ो को 14:
गुर्जर आरक्षण आंदोलन आज समाप्त घोषित कर दिया गया है और आंदोलन के अगुवा रहे कर्नल बैंसला ने राजस्थान सरकार के नए फैसले का स्वागत किया है और कहा है कि वे सरकार के ताजा फैसले का स्वागत करते है और गुर्जर आंदोलन को समाप्त करने की घोषणा करते है ।

गुर्जर आंदोलन खत्म, मिला पांच फीसदी आरक्षण

राजस्थान सरकार के साथ बनी सहमति के बाद गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति ने राज्य में 27 दिनों से जारी आंदोलन वापस लेने की बुधवार को घोषणा की। बहरहाल, राज्य सरकार ने गुर्जरों को अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में शामिल किए जाने की सिफारिश का पत्र केन्द्र सरकार को भेजे जाने की उनकी मांग मंजूर नहीं की। राजस्थान सरकार ने अनुसूचित जाति जनजाति और अन्य पिछडा वर्ग के मौजूदा आरक्षण को प्रभावित किए बिना विशेष श्रेणी का गठन कर गुर्जर, बंजारा और रैबारी जाति को अलग से पांच प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय किया है। तय समय से करीब छह घंटे देरी से राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और राजस्थान गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने यहां मुख्यमंत्री कार्यालय के कॉफ्रेंस हॉल में सयुंक्त संवाददाता सम्मेलन में गुर्जर आंदोलन समाप्त होने की घोषणा की। आरक्षण के मुद्दे पर भारत सरकार से 3 दिसम्बर 1999 तथा 23 जनवरी 2008 को राजस्थान सरकार को मिले पत्र के जवाब में भेजे जाने वाली चिट्ठी के मसौदे पर राज्य सरकार और गुर्जर प्रतिनिधियों ने सहमति जताई है, लेकिन पत्र के मसौदे को लेकर समझौते में जिक्र तक नहीं है। गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के पदाधिकारी विधायक सुखवीर जौनपुरिया ने संवाददाताओं के साथ बातचीत के दौरान माना कि प्रदेश सरकार ने गुर्जरों को अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में आरक्षण देने की सिफारिश का पत्र केंद्र सरकार को भेजे जाने की मुख्य मांग मंजूर नहीं की है। कर्नल बैंसला ने आंदोलन को वापस लेने की घोषणा करते हुए कहा, आंदोलन की वजह से देशवासियों को जो असुविधा हुई है उसके लिए क्षमा चाहता हूं। गुर्जरों को हक मिलने के बाद मुझे एक अलग सुकून मिला है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार गुर्जरों को अनुसूचित जनजाति में आरक्षण देने में देरी नहीं करे, लेकिन बाद में संवाददाताओं ने जब कर्नल बैंसला से जानना चाहा कि क्या राज्य सरकार ने अनुसूचित जनजाति में आरक्षण की सिफारिश विधि सम्मत की है उन्होंने इसका कोई जवाब नहीं दिया। राजस्थान सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी इस मुददे पर मौन हैं। समझौते के अनुसार, गुर्जर, बंजारा, रैबारी जातियों को राज्य सरकार के अधीन सेवाओं, शिक्षण संस्थाओं, पंचायती राज संस्थाओं, शहरी और स्थानीय निकायों के तहत निर्वाचित होने वाले जनप्रतिनिधियों के पदों पर आरक्षण का लाभ मिल सकेगा। राज्य सरकार इस बारे में शीघ्र अध्यादेश जारी करेगी।

गुर्जर‌ आरक्षण आंदोलन

क्या मिला गुर्जरो को :
राज्य की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने पत्रकारों के सामने दिए गए अपने संबोधन में बताया है कि राज्य सरकार ने गुर्जर , बंजारा , और रैबारी जैसी अति पिछड़ी जातियों के लिए ५ प्रतिशत का विशेष आरक्षण की व्यवस्था की है । इसके साथ ही उन्होनें कहा कि वे हमेशा यह मानती रहीं है कि किसी भी समस्या का समाधान बातचीत से ही संभव है । आंदोलन की समाप्त होने पर सभी का धन्यवाद दिया है ।

अति पिछड़े अगड़ो को भी 14 प्रतिशत आरक्षण :
राजस्थान में ब्राहमण, वैश्य, कायस्थ और राजपूतों सहित विभिन्न जातियों को आर्थिक आधार पर 14 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। राज्य सरकार ने बुधवार को आर्थिक पिछड़ा वर्ग आयोग की अंतिम रिपोर्ट लेने के बाद यह घोषणा की। इसके साथ ही राजस्थान में कुल आरक्षण 68 प्रतिशत हो जाएगा। इसके लिए फिलहाल अधिसूचनाएं जारी की जाएंगी। बाद में विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर विधेयक पारित कराया जाएगा। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने पत्रकारों को बताया कि परिवर्तन यात्रा के दौरान उन्हें आरक्षण से वंचित विभिन्न जातियों के लोगों ने आरक्षण के लिए ज्ञापन दिए थे। इस पर तत्कालीन एनडीए सरकार ने आर्थिक पिछड़ा वर्ग आयोग बनाया था। लेकिन यूपीए सरकार आने के बाद उस आयोग की गति धीमी पड़ गई। इन जातियों को संबल देने के लिए राज्य सरकार ने अपने स्तर पर आर्थिक पिछड़ा वर्ग आयोग बनाया था। आयोग की अंतरिम रिपोर्ट शाम को ही उन्हें मिली है। उन्होंने कहा कि आरक्षित वर्ग की जातियों को भी कोई परेशानी न हो, इसके लिए एसटी, एससी और ओबीसी के मौजूदा आरक्षण से कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि अब तक कई राजनीतिक दल गरीब सवर्णो को आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की बात ही करते रहे हैं, लेकिन उनके वादे खोखले साबित हुए हैं। नहीं दिए सवालों के जवाब : संवाददाता सम्मेलन में आरक्षण की घोषणा के बाद मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने पत्रकारों के किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया। इससे पहले गुर्जरों के साथ हुए समझौते की घोषणा के बारे में भी न तो सरकारी पक्ष ने खुद सवालों के जवाब दिए और न ही गुर्जर नेता कर्नल किरोड़ीसिंह बैसला को सवालों के उत्तर देने दिए।

राज्य मंत्रिमंडल की बैठक आज :
गुर्जरों को 5 फीसदी विशेष आरक्षण और सवर्ण जातियों को 14 फीसदी आरक्षण दिए जाने के बारे में विचार करने के लिए गुरुवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई गई। इसमें आर्थिक आधार पर आरक्षण के योग्य अन्य जातियों के बारे में भी विचार किया जाएगा। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने संवाददाता सम्मेलन में यह घोषणा की।

सरकार बेफिक्र :
संसदीय कार्य मंत्री राजेन्द्र राठौड़ का कहना है कि सरकार अध्यादेश लाएगी और विधानसभा में बिल पास करवा कर इसको केन्द्र सरकार को नौवीं अनुसूची में डालने के अनुरोध के साथ भेज देगी। ऐसा होने पर यह बिल सुप्रीम कोर्ट के रिव्यू के दायरे से बाहर हो जाएगा।

इस समझौते का भविष्य क्या:
संवैधानिक दिक्कत : अधिवक्ता ए.के. गुप्ता का कहना है कि 68 प्रतिशत आरक्षण सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के विपरीत है। सुप्रीम कोर्ट कह चुका है कि 50 प्रतिशत से ज्यादा आरक्षण नहीं दिया जा सकता। उधर, प्रसिद्ध कानून विशेषज्ञ शांतिभूषण का कहना है कि चूंकि तमिलनाडु में 69 प्रतिशत आरक्षण है इसलिए यह भी गलत नहीं है।

सर्वाधिक आरक्षण तमिलनाडु में:

बैकवर्ड क्लास -------- 23
बैकवर्ड क्रिश्चियन ------ 3.5
बैकवर्ड मुस्लिम ------ 3.5
मोस्ट बैकवर्ड क्लास --- 20
अजा/जजा --------- 19
कुल ------------- 69

राजस्थान में कुल 68 प्रतिशत कोटा:

अनुसूचित जाति ------- 16
अनुसूचित जनजाति ----- 12
ओबीसी ------------- 21
विशेष श्रेणी ----------- 5
गरीब सवर्ण ---------- 14
कुल --------------- 68