
बैंसला हुए तैयार, सोमवार को होगी वार्ता:
अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में शामिल किए जाने की मांग कर रहे गुर्जर समुदाय का नेतृत्व कर रहे कर्नल केएस बैंसला राज्य सरकार के साथ चल रही बातचीत का हिस्सा बनने के लिए तैयार हो गए हैं। समस्या के हल के लिए दोनों पक्ष सोमवार को फिर से वार्ता करेंगे।
अब तक हुई वार्ता के दौरान गुर्जर प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाले जम्मू-कश्मीर विश्वविद्यालय के उप-कुलपति मसूद चौधरी ने संवाददाताओं से कहा, 'तीन दौर की वार्ता के दौरान जो बातें सामने आई हमने उस बारे में कर्नल बैंसला को अवगत करा दिया है। वह चौथे दौर की बातचीत में हिस्सा लेने के लिए सोमवार को जयपुर आएंगे।' उन्होंने कहा, 'हमें उम्मीद है कि मामले का जल्द ही कोई शांतिपूर्ण समाधान निकलेगा।'
राजस्थान सरकार की ओर से वार्ता के लिए गठित प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे भारतीय जनता पार्टी के सांसद रामदास अग्रवाल ने कहा, 'कर्नल बैंसला बातचीत को तैयार हो गए हैं। हमें उम्मीद है कि सोमवार को समस्या का समाधान निकल जाएगा।' हालांकि दोनों पक्षों ने बातचीत से जुड़ी विस्तृत जानकारी देने से अभी तक इनकार किया है। लेकिन सरकारी सूत्रों के मुताबिक राज्य सरकार ने गुर्जरों को चार से छह फीसदी आरक्षण दिए जाने की पेशकश की है।
इस बीच, राजस्थान सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री केएल मीणा ने गुर्जरों को रियायत दिए जाने की जो पेशकश की जा रही है, उसके विरोध में विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।
जनजाति श्रेणी में शामिल मीणा जाति से संबंध रखने वाले पूर्व मंत्री केएल मीणा ने शनिवार को विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। पार्टी सूत्रों के मुताबिक सरकार पर दबाव बनाने के लिए कुछ अन्य मीणा विधायकों ने भी इस्तीफा दिया है।
ज्ञात हो कि मीणा समुदाय गुर्जरों को आरक्षण दिए जाने का विरोध करता रहा है। समुदाय ने धमकी दी है कि यदि गुर्जरों को आरक्षण दिया गया या फिर अनुसूचित जनजाति की मौजूदा सूची में कोई फेरबदल किया गया तो वे व्यापक जन आंदोलन छेड़ेंगे।
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