
गुर्जर आंदोलन के हल के लिए तीसरे दौर की वार्ता शुरू :
अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की सिफारिश का पत्र केंद्र सरकार को भेजे जाने की मांग को लेकर राजस्थान में 23 दिन से जारी गुर्जर आंदोलन के समाधान के लिए आंदोलनकारियों और सरकार के बीच शनिवार को तीसरे दौर की वार्ता जयपुर में शुरू हो गई।
राजस्थान गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के सूत्रों ने यह जानकारी दी। शुक्रवार को दूसरे दौर की वार्ता में समस्या के समाधान के लिए ठोस प्रसास सामने नहीं आए।
गुर्जर प्रतिनिधि अपनी मुख्य मांग अनुसूचित जनजाति में आरक्षण सिफारिश की चिट्ठी समेत अन्य 10 मांगों पर अडिग हैं। सूत्रों की मानें तो राज्य सरकार ने राजस्थान गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला को तीसरे दौर की वार्ता में शामिल करने के लिए गुर्जर समाज के कुछ नेताओं पर दबाव बनाया, लेकिन सरकार को इसमें सफलता नहीं मिली।
अखिल भारतीय गुर्जर संघर्ष समिति के मुख्य संरक्षक विधायक रामवीर सिंह विधूड़ी ने फिर दोहराया है कि गुर्जर प्रतिनिधि सरकार से बातचीत कर निर्णायक बिन्दु तक पंहुचने का काम कर रहे हैं। अंतिम निर्णय कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ही करेंगे।
गुर्जरों ने आरक्षण फॉर्मूला ठुकराया :
राजस्थान में आंदोलनकारी गुर्जर नेताओं ने राज्य सरकार के आरक्षण फॉर्मूले को ठुकरा दिया है।
सूत्रों ने बताया कि गुर्जर प्रतिनिधियों के साथ दूसरे दौर की दूसरे दिन की बातचीत में आरक्षण के फॉर्मूले पर विचार कर कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला की सहमति लेने का निर्णय किया गया, लेकिन बाद में गुर्जर नेताओं ने इस फॉर्मूले को स्वीकार करने से ही मना कर दिया।
उन्होंने बताया कि गुर्जर प्रतिनिधियों की बैठक में संवैधानिक प्रावधानों के आधार पर आरक्षण देने की सिफारिशी चिट्ठी से कम पर राज्य सरकार से समझौता नहीं करने का निर्णय लिया गया।
आरक्षण के फॉर्मूले पर एक राय नहीं होने से चार गुर्जर प्रतिनिधियों को कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला की सहमति लेने के लिए भेजे जाने का मामला भी खटाई में पड़ गया। हालांकि, राज्य सरकार तथा गुर्जर प्रतिनिधियों ने कहा है कि बातचीत जारी रहेगी।
इधर, राज्य सरकार के सूत्रों ने बताया कि गुर्जरों के चार प्रतिनिधि शनिवार को नहीं जा पाए लेकिन रविवार सुबह पीलू का पुरा जाएंगे। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने महाराष्ट्र की तर्ज पर अन्य पिछड़ा वर्ग में पांच प्रतिशत विशेष कोटा निर्धारित करने तथा जनजाति में एक प्रतिशत आरक्षण देने का फॉर्मूला गुर्जर प्रतिनिधियों के समक्ष रखा है। राजस्थान में अनुसूचित जाति-जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग को 49 प्रतिशत आरक्षण है तथा अदालत के निर्णय के मुताबिक एक प्रतिशत आरक्षण और दिया जा सकता है।
इधर, राज्य सरकार के फॉर्मूले को ठुकराने से मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने वरिष्ठ नेताओं के साथ विचार-विमर्श किया तथा आशा व्यक्त की कि बातचीत से कोई रास्ता निकल आएगा।
18 विधायकों को अयोग्य ठहराने की याचिका पर सुनवाई सोमवार को :
उच्चतम न्यायालय सोमवार को उस याचिका पर सुनवाई कर सकता है जिसमें पिछले साल गुर्जर प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर भड़काऊ बयान देने के आरोप में राजस्थान के 18 विधायकों को अयोग्य करार देने की मांग की गई है।
न्यायमूर्ति अरिजीत पसायत और जीएस सिंघवी की पीठ काशी पुरोहित की याचिका पर सुनवाई करेगी। पुरोहित ने राजस्थान उच्च न्यायालय की एकल पीठ के आदेश को चुनौती दी है।
उच्च न्यायालय ने उनकी याचिका को खारिज करते हुए कहा था कि राज्यपाल द्वारा इस मामले को निर्वाचन आयोग की राय के लिए भेजने की उम्मीद नहीं की जाती जहां संविधान के अनुच्छेद 191 या जनप्रतिनिधित्व कानून के तहत स्पष्ट तौर पर अयोग्य ठहराए जाने की कोई वजह न दी गई हो।
पुरोहित ने शुरू में तत्कालीन राज्यपाल के पास अपील की थी। राज्यपाल ने इसे 13 जुलाई 2007 को खारिज कर दिया था। अपील में भाजपा, कांग्रेस, बसपा और कुछ निर्दलीय विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने की मांग की गई थी।
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